भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल में कोरोना वायरस (Coronavirus) के साथ अब पानी का संकट (Water crisis) भी मंडराने लगा है. बस्तियों में पानी की किल्लत होने लगी है. लोगों को पीने के पानी के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है. यह स्थिति इस गर्मी की नहीं है, बल्कि हर साल गर्मी के दौरान इन बस्तियों में पानी का संकट खड़ा हो जाता है. कटारा हिल्स इलाके में नहर के पास सालों से बस्ती बसी है. यहां हजारों की संख्या में लोग रहते हैं, लेकिन नगर निगम या फिर प्रशासन ने आज तक इनके पीने के पानी की व्यवस्था नहीं की. गर्मी में इनके सामने पीने के पानी का बड़ा संकट खड़ा हो जाता है. टैंकर से पूर्ति करने की कोशिश की जाती है, लेकिन गर्मी की वजह से टैंकर भी कई दिनों में आते हैं. ऐसे में रोजाना पानी की व्यवस्था करने के लिए इन लोगों को आसपास के इलाकों में डब्बे लेकर जाना पड़ता है.

कुछ दिनों तक यहां पर नगर निगम के टैंकर से पानी की सप्लाई दी गई, लेकिन हर बार गर्मी के समय यह टैंकर भी नाकाम साबित होते हैं. नहर के पास स्थित झुग्गी बस्ती में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है. पानी के लिए दर दर की ठोकर मजदूर को खाना पड़ती है. हर साल पीने के पानी की किल्लत होने के बावजूद भी प्रशासन ध्यान नहीं देता. यह पूरा मामला वार्ड नंबर 55 जोन नंबर 13 का है.

आम लोगों की बढ़ी परेशानी

कोरोना संक्रमण का खतरा बना हुआ है. ऐसे में इन लोगों को अपने घरों से बाहर पानी की तलाश में हर रोज आना पड़ता है. ये सभी लोग इधर-उधर से पानी की व्यवस्था करते हैं. आसपास प्रशासन ने कोई भी आई स्थाई या फिर अभी तक स्थाई पानी की व्यवस्था नहीं की है. इस बस्ती में हजारों लोग सालों से रह रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने नहीं यहां पर टंकी रखी और न ही यहां पर ट्यूबवेल कराया.