गुरुग्राम । सरकार द्वारा कोविड-19 इलाज के लिए रेट तय किए जाने के बाद भी गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ने एक कोरोना मरीज के इलाज का बिल 28 लाख बना दिया। मेदांता अस्तपाल पर आरोप हैं कि इलाज के पूरे पैसे नहीं देने के चलते मरीज को डिस्चार्ज नहीं किया। अस्पताल में कोरोना मरीज़ को 40 दिन रखा गया था। इस मामले में शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने अस्पताल को शो कॉज नोटिस जारी किया है। गुरुग्राम में इस तरह का ये कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी में इलाज के लिए दाम तय किए थे, लेकिन फिर भी निजी अस्पतालों की मनमानी और इलाज के नाम पर लूट के कई मामले सामने आ रहे हैं।