लखनऊ । सन 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की परंपरात सीट (अमेठी) में बड़ा उलटफेर करते हुए भाजपा की फायरब्रांड नेता स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को चुनाव में हरा दिया था। अमेठी के बाद, अब भाजपा की नजर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की सीट और कांग्रेस के अंतिम गढ़ रायबरेली पर है। 
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि रायबरेली में लोगों तक पहुंचने की कोशिशों को आगे बढ़ाया गया है। आने वाले महीनों में केंद्रीय मंत्रियों सहित कई वरिष्ठ नेताओं के रायबरेली निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष विजय पाठक ने कहा, रायबरेली भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पार्टी लोगों के लिए 24x7 काम करती है और अंशकालिक राजनीति में लिप्त नहीं होती है। भाजपा उन सीटों पर काम करती है, जहां वह कोई भी चुनाव हार जाती है। हमने 2014 और 2019 के चुनावों के बाद भी ऐसा किया था। 2019 के लोकसभा चुनाव में हमने अमेठी जीती। उन्होंने दावा किया कि हम अगले चुनाव में रायबरेली जरूर जीतेंगे। 
पाठक का दावा निराधार नहीं हैं। अमेठी जीतने के बाद भाजपा नेहरू-गांधी परिवार के दूसरे गढ़, रायबरेली लोकसभा सीट पर ध्यान केंद्रित कर रही है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अमेठी के अलावा रायबरेली भी जाती रही हैं। उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को रायबरेली का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। पार्टी के लोगों ने नरेंद्र मोदी और योगी सरकारों की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने के लिए अपना अभियान तेज कर दिया है। रायबरेली भाजपा अध्यक्ष रामदेव पाल ने कहा, हां, हम मोदी और योगी सरकारों की उपलब्धियों को लोगों तक ले जा रहे हैं। हमारे पास बूथ स्तर तक एक मजबूत पार्टी संरचना है। कांग्रेस ने भले ही 2019 के चुनाव में रायबरेली को जीत लिया हो, लेकिन भाजपा ने इस सीट पर जीत का अंतर काफी कम कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा रायबरेली में 2022 के विधानसभा चुनावों में सभी विधानसभा सीटों को जीतने जा रही है। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में इस बार यह सीट निश्चित ही भाजपा के खाते में आ जाएगी। 
भाजपा अध्यक्ष के रूप में, अमित शाह ने अप्रैल 2018 में रायबरेली में एक मेगा रैली को संबोधित किया था और कांग्रेस एमएलसी दिनेश सिंह को भाजपा में शामिल किया था। 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद, रायबरेली से कांग्रेस के दोनों विधायक राकेश सिंह (दिनेश सिंह के भाई) और अदिति सिंह बागी हो गए। हालांकि दोनों पार्टी नेतृत्व से दूरी बनाए रखने के साथ-साथ इस समय कांग्रेस के विधायक बने हुए हैं लेकिन उनकी भाजपा के करीबी किसी से छिपी नहीं है। रायबरेली में कांग्रेस अध्यक्ष पंकज तिवारी ने कहा रायबरेली कांग्रेस का गढ़ है। रायबरेली में जो भी विकास हुआ है, वह कांग्रेस की वजह से ही हुआ है। रायबरेली के लोग यह बात अच्छी तरह जानते हैं। अमेठी के लोग यह महसूस कर रहे हैं कि उनसे किए गए वादे पूरे नहीं हुए हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद अमेठी को परियोजनाओं से वंचित कर दिया गया है। कोई भी अमेठी में नहीं दोहराना चाहता है और रायबरेली में भाजपा कभी सफल नहीं होगी।''