नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश से भारतीय किसान यूनियन (किसान) के सदस्यों ने आज कृषि भवन में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। यूनियन के नेताओं ने कृषि अधिनियमों का स्वागत किया और कहा कि अधिनियम किसानों के लिए फायदेमंद हैं। हालांकि, उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को कृषि अधिनियमों और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के संबंध में सुझावों का एक ज्ञापन भी सौंपा। 
कृषिमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि अधिनियमों के समर्थन में आगे आने के लिए यूनियन के नेताओं का आभार प्रकट किया। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि अधिनियमों का देश के विभिन्न राज्यों में स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सरकार वास्तविक किसान संगठनों के साथ संवाद जारी रखने के लिए उत्सुक है और खुले दिमाग के साथ समाधान खोजने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि एमएसपी एक प्रशासनिक फैसला है और वह उसी तरह से जारी रहेगा। 
भारतीय किसान यूनियन (किसान) के नेताओं ने सुझाव दिया कि किसानों को विवाद की स्थिति में दीवानी न्यायालय जाने का विकल्प दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि छोटे कस्बों और गांवों के किसानों के हितों की रक्षा के लिए पंचायत प्रमुख को मंडी प्रमुख के समान महत्व दिया जाना चाहिए। आवश्यक वस्तु अधिनियम के मामले में, उन्हें सुझाव दिया है कि इससे जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगनी चाहिए। 
यूनियन के नेताओं ने यह सुझाव भी दिया कि उत्तर प्रदेश में सिंचाई के लिए बिजली की दरें घटाई जानी चाहिए और ज्यादा घंटों के लिए बिजली उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने यह प्रस्ताव भी दिया कि फसलों के मानकों पर खरीद केन्द्रों पर ही फैसला होना चाहिए, जिससे किसानों को अपनी उपज की बिक्री में कोई समस्या न आए।