दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को बताया है किया कि अंतर-जातीय विवाह करने वाले जोड़ों को पेश आने वाले खतरों से निपटने के लिए राजधानी के हर पुलिस जिले में 15 स्पेशल सेल बनाए जाएंगे। दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने बुधवार को हाईकोर्ट को सौंपी एक स्टेटस रिपोर्ट में बताया है कि उसने इस संबंध में 28 अगस्त को ही दिल्ली के सभी 15 पुलिस जिलों में डिस्ट्रिक्ट स्पेशल सेल के रूप में अधिकारियों की 15 समितियों का गठन करने का एक आदेश जारी कर दिया है। दिल्ली सरकार ने जस्टिस जे.आर.मिधा और जस्टिस बृजेश सेठी की बेंच को बताया कि संबंधित जिलों के पुलिस उपायुक्त इन स्पेशल सेल के कामकाज के लिए समन्वय अधिकारी होंगे।

सरकार ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट में कहा है कि शक्ति वाहिनी बनाम भारत सरकार और अन्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार स्पेशल सेल काम करेगी। सरकार ने हाईकोर्ट को यह भी बताया कि 21 अगस्त, 2020 को अंतर-जातीय विवाह करने वाले जोड़ों की याचिका / उत्पीड़न और धमकी की शिकायतों के संबंध में प्रधान सचिव (गृह) की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि दिल्ली में हर पुलिस जिले में स्पेशल सेल बनाया जाए।

स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में हर राजस्व जिले में ये स्पेशल सेल बनाए जाएंगे, जिसमें पुलिस उपायुक्त, जिला समाज कल्याण अधिकारी और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधि शामिल होंगे। रिपोर्ट में यह कहा गया है कि उक्त बैठक में समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों ने उल्लेख किया है कि उनका विभाग अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों के उत्पीड़न और धमकी की शिकायतों के बारे में 24-घंटे की नई हेल्पलाइन का निर्माण और प्रबंधन करेगा। उन्होंने कहा कि बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि दिल्ली पुलिस, समाज कल्याण विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से स्पेशल सेल और 24 घंटे की हेल्पलाइन के संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का मसौदा तैयार करेंगे।