भोपाल, 7 सितंबर। मध्यप्रदेश के कई हिस्सों पर सोयाबीन की फसल खराब होने पर किसानों को फसल नुकसानी का मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर प्रदेश अध्यक्ष पंकज सिंह जी के नेतृत्व में जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया।

गौरतलब है कि प्रदेश के किसानों को एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की मार को झेलना पड़ रहा है। सोयाबीन की ज्यादातर फसल भारी बारिश और तापमान में अंतर के कारण प्रभावित हुई है, इसके अलावा कीटों के चलते सोयाबीन के पौधे संक्रमित हुए हैं। मक्खी, पीले मोजक वायरस का भी प्रभाव है। फसल पर पीलापन स्टेम फ्लाई, आरएबी, एन्थ्रेक्नोज का संयुक्त प्रभाव है। जहां एक तरफ पहले से किसान आर्थिक मंदी और कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है वहीं लगातार उसे प्राकृतिक आपदा की मार झेलनी पड़ रही है और किसानों को सरकार के गैर जिम्मेदाराना रवैया का भी सामना करना पड़ रहा है।

AAP के प्रदेश अध्यक्ष श्री पंकज सिंह जी ने कहा कि किसानों के नाम पर सत्ता के शिखर तक पहुंचने वाले शिवराज सिंह चौहान, जो खुद को किसान पुत्र बताते है, उन्हें प्रदेश के किसानों की पीड़ा नजर नही रही। पंकज सिंह जी ने शिवराज सरकार से मांग की है कि प्रदेश सरकार को इस ओर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार के तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी किसानों के फसल नुकसान का मुआवजा 50,000 रुपये प्रति हेक्टयर जल्द से जल्द देना चाहिए, जिससे किसान तनाव में आकर कोई गलत कदम न उठाएं। मुआवजा मिलने से ही फसल बर्बादी के इस दर्द से प्रदेश के किसान कुछ हद तक उबर सकते हैं।

पंकज सिंह जी ने ये भी कहा कि जिस तरह शिवराज जी ने सरकार गिराकर सत्ता हासिल करने में फुर्ती दिखाए थे ठीक वैसे ही किसानों को मुआवजा दिलाने में भी फुर्ती दिखाए। शिवराज सिंह जल्द से जल्द सर्वे कराकर खराब फसल का मुआवजा किसानों को उपलब्ध कराएं।