जयपुर. अनलॉक 4.0 के तहत राजस्थान में अधिकांश पाबंदियां हटा दी गई हैं या बेहद कम कर दी गई हैं. वहीं, राज्य में कोरोना के केस थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. पाबंदी हटने की बीच कोरोना केसों को रोकने के लिए अशोक​ गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने जनता को राहत देने के लिए नई रणनीति से कोरोना पर जीत का एक्शन प्लान तैयार करने का दावा किया है. इस एक्शन प्लान के तहत ही अफसरों को काम करने के निर्देश दिए गए हैं.
गहलोत सरकार के नए एक्शन प्लान के तहत गंभीर कोविड रोगियों को निजी अस्पतालों में भी निशुल्क उपचार की व्यवस्था की गई है. सभी कलेक्‍टरों को इन निजी अस्पतालों में मरीजों की निशुल्क इलाज कराने की जिम्मेदारी होगी. इसके साथ ही राजकीय अस्पतालों में ऑक्सीजन बैड्स की समुचित व्यवस्थाएं करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

एक्शन प्लान में इसका होगा पालन
-राजकीय हॉस्पिटल में हाई फ्लो ऑक्सीजन युक्त तथा आईसीयू बैड चार गुना तक बढाएं जाएंगे.
-जयपुर एवं कोटा में कोविड केयर के लिए 100 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था.
-अजमेर, अलवर, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा, पाली एवं झालावाड़ में कंटेनमेंट जोन की व्यवस्थाएं सुदृढ़ पर रहेगा फोकस.
-कोरोना के कारण जिन लोगों की आजीविका छिन गई  ऐसे 4 लाख 14 हजार जरूरतमंद 15 लाख 33 हजार सदस्यों को दस किलोग्राम गेहूं निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा.

 

मरीजों की संख्या 80 हजार पार

गहलोत सरकार द्वारा तमाम प्रयासों के दावों के बावजूद राज्य में 80 हजार 227 कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं. कोरोना का संकट प्रदेश में दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रतिदिन रिव्यू बैठक लेकर उच्च अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं होने के कारण कोरोना वायरस के केसों पर लगाम नहीं लग पा रही है. राज्य सरकार छूट देकर अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश कर रही है. ताकि लोगों को रोजगार मिल सके.