भोपाल. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Former CM Kamal Nath) ने गुरुवार को कहा कि मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में आगामी उप-चुनाव (By-Election) न तो आम चुनाव हैं और ना ही केवल उप चुनाव हैं, यह “प्रदेश का भविष्य तय करने वाला” चुनाव है. मध्यप्रदेश में 27 विधानसभा सीटों पर आगामी उप-चुनाव के बारे में पूछे गये सवाल पर कमलनाथ ने पत्रकारों से कहा, ‘ये उप चुनाव, आम चुनाव नहीं हैं. मैं इसे उप चुनाव भी नहीं मानता. ये चुनाव मध्यप्रदेश के भविष्य के लिये हैं.’ हालांकि चुनाव आयोग द्वारा अभी तक प्रदेश में उप चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा नहीं की गयी है.

पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा, ‘ पिछले चार माह से मैंने पार्टी को मजबूत करने का काम किया है. क्योंकि हमारी लड़ाई भाजपा की उपलब्धियों के साथ नहीं, बल्कि उनके संगठन के साथ है.’ उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के सामने कांग्रेस के 15 महीने का शासन और भाजपा के 15 साल के कार्यकाल की तस्वीर है. हमने अपनी नीतियों और नीयत का परिचय दिया है. जनता सच्चाई को पहचाने और सच का साथ दे.

ग्वालियर में ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित अन्य भाजपा नेताओं द्वारा पूर्व की कांग्रेस सरकार द्वारा किसानों का कर्जा माफ नहीं करने के आरोपों का जिक्र करते हुए कमलनाथ ने कहा, ‘मैं एक पेन ड्राइव (आंकड़े संग्रहित रखने वाला उपकरण) जारी कर रहा हूं जिसमें कर्जा माफ किये गये 26 लाख किसानों के नाम, गांव, फोन नंबर और माफ की गई राशि का उल्लेख है. यह हमारी ऋण माफी योजना का प्रमाण है और यह भाजपा के झूठे प्रचार को पूरी तरह से उजागर करता है.’

कमलनाथ ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान सिंधिया ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रमों में शामिल हुए थे और अब आरोप लगा रहे हैं कि ऋणों को माफ नहीं किया गया है. उन्होंने कहा, ‘यह और कुछ नहीं है केवल भाजपा द्वारा झूठ की राजनीति है, लेकिन अब यह प्रदेश में नहीं चलने वाली है.’
इस साल मार्च माह में मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार के पतन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सभी ने देखा कि उन्होंने (भाजपा) संविधान और लोकतंत्र के साथ कैसे खिलवाड़ किया. भाजपा द्वारा विधायकों को खरीदी कर एक निर्वाचित लोकप्रिय सरकार को गिराया गया. उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा सौदे की राजनीति करने के कारण मध्यप्रदेश पर कलंक लगा है. उन्होंने कहा, ‘मैं मध्यप्रदेश की पहचान बदलने की कोशिश कर रहा था लेकिन भाजपा इसे स्वीकार नहीं कर पा रही थी और इसलिये उन्होंने मेरी सरकार को गिरा दिया.’