• बाणगंगा थाना क्षेत्र के नंदबाग की घटना, बेटी आरती बंदूक को उठाकर सही जगह पर रख रही थी
  • पिता ने बैंक से लौटकर बंदूक रखी और भुट्‌टा लेने जाने की कहकर घर से बाहर निकले थे

एक बैंक के गनमैन ने लोडेड बंदूक घर के कोने में रख दी और सामान लेने बाहर चले गए। इस बीच 12वीं में पढ़ने वाली उनकी 17 साल की बेटी उसे उठाकर सही जगह पर रखने लगी, तभी उससे ट्रिगर दब गया और गोली चल गई। इसमें गोली पेट को भेदते हुए निकल गई। गोली लगते ही वह पलंग पर गिरी और मौत हो गई। घटना नंदबाग, सतगुरु स्कूल के पास सोमवार शाम 6.30 बजे की है।

बाणगंगा पुलिस के अनुसार, मृतका का नाम आरती ओझा था। उसके पिता सूर्यभान सिंह गुर्जर एचडीएफसी बैंक में गनमैन हैं। सूर्यभान ने बताया कि शाम को बारिश शुरू हो गई तो जल्दबाजी में लोडेड बंदूक (12बोर) को बिना अनलोड किए कवर पहना दिया और 5.30 बजे घर आ गए।

बंदूक को दरवाजे के पास कोने में रख दिया और बेटी को भुट्‌टे लाने की बोलकर चले गए। इधर, पिता की बंदूक सही जगह पर रखने के लिए बेटी आरती ओझा ने उठाया तो उससे ट्रिगर दब गया और गोली चल गई। बंदूक की नाल उसके पेट की तरफ थी, जिससे गोली पेट को भेदते हुए आर-पार हो गई।

वह लहूलुहान हालत में पलंग पर गिर गई। गोली की आवाज सुनकर पड़ोसी व परिवार के लोग दौड़े। पिता एमवायएच लेकर पहुंचे, लेकिन वह दम तोड़ चुकी थी। सूर्यभान के परिवार में तीन बच्चे हैं।

बदहवास पिता शव के पास बैठकर खुद को कोसते रहे

बेटी की मौत के बाद बदहवास पिता सिर पकड़कर बैठ गए। लापरवाही के लिए खुद को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। उनका कहना था कि हर बार बंदूक अनलोड कर ही रखते थे, लेकिन बारिश के कारण लोडेड बंदूक पर ही कवर पहना दिया था। पता नहीं था, बेटी उठा लेगी और गोली चल जाएगी।

घटनास्थल पर सीएसपी निहित उपाध्याय, टीआई राजेंद्र सोनी और एफएसएल टीम भी पहुंची। अफसरों का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला हादसा ही लग रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने रायफल जब्त कर ली है।