रायपुर :  छत्तीसगढ़ शासन की जनहित और कल्याण कारी नीतियों से अब लोग उत्साहित हैं। राजनांदगांव जिले के मोहला विकासखंड के दूरस्थ ग्राम मिस्प्री की श्रीमती बीना यादव को वन अधिकार पट्टा से जमीन मिलने पर उनमें खेती करने के लिए उत्साह और खुशी है। शासन के कारगर प्रयासों से जंगलों में लघुवनोपज संग्रहण करने वाले लोगों की जिंदगी बदल रही है। श्रीमती बीना ने बताया की उन्हें 50 डिसमिल जमीन मिली है, जिस पर उन्होंने उनके पति श्री जोहित यादव ने धान की फसल लगाई है। उन्होंने कहा कि दो छोटे बच्चे प्रियंका और दुष्यंत हैं, जिन्हें वे अच्छी तरह पढ़ाना चाहती है।

     उनके परिवार में वन अधिकार पट्टा के तहत मोहनलाल, पुरुषोत्तम, जागेश्वर को कुल 2 एकड़ की जमीन मिली है। श्रीमती बीना ने बताया कि हम सब वनों में महुआ, चार, हर्रा और अन्य तरह के वनोपज एकत्रित करते हैं, वहीं कुसुम पेड़ से लाख का भी संग्रहण करते हैं। यह हमारे आजीविका का साधन है, लेकिन अब जमीन पर अधिकार मिलने से कृषि कार्य करने से आमदनी बढ़ेगी।