भोपाल।वर्तमान शिवराज सरकार ने लम्बे समय से पदोन्नति की बाट जोह रहे सरकारी सेवकों को पदोन्नति देने के लिये पिछली कमलनाथ सरकार द्वारा लिये फैसले का पालन करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जीएडी ने सभी विभागों को निर्देश जारी कर दिये हैं।


यह है मामला :
मप्र लोक सेवा पदोन्नति नियम में आरक्षण के संबंध में राज्य शासन की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में सिविल अपील दायर कर रखी है क्योंकि हाईकोर्ट ने पदोन्नति में आरक्षण देने से इंकार कर दिया था। इस सिविल अपील के कारण  राज्य के शासकीय सेवकों की पदोन्नति लम्बे समय से रुकी हुई है। पिछली कमलनाथ सरकार ने इस संबंध में 8 फरवरी 2020 को सक्षम बैठक की थी। इस बैठक में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के अलावा तत्कालीन जीएडी मंत्री गोविन्द सिंह, तत्कालीन मुख्य सचिव एसआर मोहन्ती, वर्तमान एसीएस जीएडी केके सिंह, तत्कालीन महाधिवक्ता शशांक शेखर, तत्कालीन प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अशोक बर्णमाल, विधि विभाग के प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव, उच्चतम न्यायालय के अतिरिक्त महाधिवक्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता उच्चतम न्यायालय, जीएडी के उप सचिव तथा मप्र भवन नई दिल्ली के अपर आयुक्त उपस्थित थे। 


बैठक में यह लिया गया था फैसला :
उक्त बैठक में फैसला लिया गया था कि जब तक पदोन्नति का प्रकरण उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है तब तक राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी/आईएएस/आईपीएस की तरह उच्च पदों पर दी जाने वाली क्रमोन्नति अन्य विभागों में भी लागू करने पर विचार किया जा सकता है। इसके लिये सभी विभाग अपने भर्ती नियम में संशोधन करने की कार्यवाही करें। 


वर्तमान सरकार ने यह लिया निर्णय :
वर्तमान शिवराज सरकार ने निर्णय लिया है कि गत 8 फरवरी 2020 को  तत्कालीन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिये गये फैसले के पालन किया जाये। इस हेतु जीएडी ने सभी विभागों को निर्देश जारी कर दिये हैं।
डॉ. नवीन जोशी