सूरत महानगर पालिका ने आखिरकार सेल्फ लाॅकडाउन करवा ही दिया। शुक्रवार को पांडेसरा, उधना और रांदेर जोन में 90 फीसदी दुकानें बंद रहीं। गुरुवार को मनपा के कर्मचारियों ने दुकानदारों को सेल्फ लाॅकडाउन करने के लिए हिदायत दी थी। लोगों ने सोचा कि कोरोना का संक्रमण फैलने से खतरा बढ़ गया है और कारोबार भी सुस्त है, इसलिए उन्होंने सेल्फ लाॅकडाउन करने का फैसला लिया। कोरोना की चेन तोड़ने के लिए सेल्फ लाॅकडाउन कारगर उपाय माना जा रहा है।

शुक्रवार को उधना मेन रोड, बमरोली रोड, पांडेसरा, उधना गाम, उधना स्टेशन रोड की कॉम्प्लेक्स की दुकानें और छोटी दुकानें सुबह से ही बंद नजर आईं। कुछ इलाकों में तो एक भी दुकान नहीं खुली। कई क्षेत्रों में लाॅकडाउन जैसा सन्नाटा दिखा। उधना जोन में सबसे कम 585 कोरोना पाॅजिटिव मामले हैं। इसके बावजूद उधना जोन में सबसे अधिक दुकानें बंद रहीं। रास्ते पर लोगों की भीड़ भी नजर नहीं आई। इसी तरह रांदेर जोन में भी 757 कोरोना पॉजिटिव मामले हैं। रांदेर छठे स्थान पर है। वहां भी 90 फीसदी सेल्फ लाॅकडाउन रहा।

पूर्ण लाॅकडाउन का भय बढ़ने लगा
इन दिनों कोरोना संक्रमण को लेकर लोगों में फिर से लॉकडाउन लागू होने का भय का माहौल बना हुआ है। यही कारण है कि अब कई इलाकों में पूरी तरह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है। इसका कारण यह है कि प्रशासन के लाख प्रयास के बाद भी कोरोना का संक्रमण अंकुश में नहीं आ रहा है।

सेंट्रल: खुली रही दुकानें
कतारगाम, वराछा और लिंबायत के बाद सबसे अधिक कोरोना संक्रमण सेंट्रल जोन में हैं। हालांकि मनपा द्वारा सेंट्रल जोन में स्वैच्छिक लॉकडाउन के लिए लोगों को हिदायत नहीं दी गई है। इस कारण शुक्रवारको सेंट्रल जोन में सेल्फ लॉकडाउन जैसा कुछ असर नजर नहीं आया।

अठवा: सन्नाटा पसरा
शहर के अठवा जोन में कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। इस कारण अठवा जोन के घोड़दौड़ रोड, भटार, पिपलोद, वेसू सहित कई क्षेत्रों में 30 फीसदी स्वैच्छिक बंद रहा। हालांकि आगामी दिनों में दुकानदारों व व्यापारियों के स्वैच्छिक लॉकडाउन का निर्णय लेने की संभावना बढ़ती जा रही है।

कतारगाम, वराछा, लिंबायत में सेल्फ लॉकडाउन
कतारगाम और वराछा जोन में सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। 30 जून से डायमंड कारोबार भी बंद है। हालांकि अब भी इन क्षेत्रों में पॉजिटिव मामले अधिक सामने आ रहे हैं। स्वैच्छिक लॉकडाउन की अपील के कारण कतारगाम, वराछा और लिंबायत जोन में 30 से 40 फीसदी दुकानें बंद रहीं।