भोपाल। मध्यप्रदेश में जल्द ही होने वाले 24 रिक्त सीटों पर विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले सत्ताधारी भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने एक‑दूसरे पर वार पलटवार करने को लेकर अब सारी नैतिकता को भी ताक पर रख दिया है। मध्यप्रदेश में अब दो दलों के बीच की सियासी लड़ाई अब प्रदेश के दो कद्दावर नेताओं के बीच आकर सिमटती जा रही है। मध्य प्रदेश की चुनी हुई कांग्रेस सरकार को समय से पहले राजनीतिक दांव पेंच के सहारे गिराने को लेकर अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बीच एक दूसरे पर आरोप‑प्रत्यारोप को लेकर ट्विटर बार अब और तेज हो गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आज कांग्रेस पर तंज कसते हुए ट्वीट किया था कि पापियों का विनाश करना तो पुण्य का काम है हमारा धर्म तो यही कहता है बोलो सियापति रामचंद्र की जय। शिवराज के इस अजब गजब तानेबाजी को लेकर पलटवार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट किया कि कुछ लोग खुद को सबसे बड़ा धर्म प्रेमी मानते हैं, लेकिन वह मेरी नजर में सबसे बड़े पापी हैं। जिनमें कोई नैतिकता नहीं वह भला धर्म प्रेमी कैसे हो सकते हैं। अब सीएम शिवराज और पूर्व सीएम कमलनाथ के बीच एक अजीबोगरीब जुबानी जंग छिड़ी है, उससे प्रदेश की राजनीति का स्तर भी काफी गिर गया है। गौरतलब है कि कांग्रेस शुरू से ही आरोप लगा रही है कि भाजपा ने साम दाम दंड भेद अर्थात साजिश और षड्यंत्र तथा धनबल के सहारे सौदेबाजी कर कांग्रेस की कमलनाथ सरकार को गिरा कर अपनी सरकार बनाने का रास्ता साफ किया है। इसको लेकर कांग्रेस नेता तो कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक पूर्व विधायकों को धोखेबाज बताने पर तुले हुए हैं। सनद रहे तुलसी सिलावट सहित कांग्रेस के 22 सिंधिया समर्थक विधायकों द्वारा बगावत कर पार्टी और विधायक पद से इस्तीफा देने के कारण ही कमलनाथ की सरकार मध्य प्रदेश की सत्ता गंवा बैठी थी। कमलनाथ के साथ ही अब पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता अजय सिंह ने भी कहा है कि हम लोग जो पहले कह रहे थे कि भाजपा ने साजिश के तहत कमलनाथ सरकार को गिराया है , वह बात अब एक दम सच साबित भी हो गई है।