भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की सियासत में इन दिनों सोशल मीडिया के जरिए बीजेपी और कांग्रेस (BJP-Congress) में वार-पलटवार का दौर जारी है. कांग्रेस के नेता शिवराज सरकार (Shivraj Government) की घेराबंदी करने के लिए हर दिन सोशल मीडिया (Social Media) के जरिए कई मुद्दों को उठाकर आक्रामक रुख अख्तियार किए हुए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, विवेक तंखा, दिग्विजय सिंह से लेकर पार्टी के दूसरे बड़े नेता हर दिन सोशल मीडिया के जरिए प्रदेश से जुड़े हुए मुद्दों को लेकर सरकार को घेर रहे हैं.
कांग्रेस ने सोशल मीडिया के माध्यम से मजदूरों, किसानों और बेरोजगारों तक के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की है. कांग्रेस द्वारा अपनी सरकार को निशाना बनाए जाने का जवाब अब खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने दिया है. शनिवार को सीएम शिवराज ने ट्वीट कर कहा, मेरा कांग्रेस के मित्रों से अनुरोध है कि वो अपने ट्वीट की संख्या बढ़ाएं और उचित समय का भी ध्यान रखें. आजकल यह हो रहा है कि किसी भी वस्तु को मुद्दा कहते हुए ट्वीट-ट्वीट खेलते रहते हैं और मैं पहले ही जनता की हर एक समस्या का संज्ञान लेकर उसके निवारण का काम शुरू कर देता हूं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कांग्रेस जब सत्ता में थी तब भ्रष्टाचार छोड़ अगर जनता के सोशल इश्यूज का संज्ञान लिया होता तो आज सोशल मीडिया का सहारा नहीं लेना पड़ता. चलिए कोई बात नहीं वो राजनीति करते रहे और हम काम. जनता तो सब जानती ही है.
जब उनकी सरकार थी तब भ्रष्टाचार छोड़ अगर उन्होंने अगर जनता के सोशल इशूज़ का संज्ञान लिया होता तो आज सोशल मीडिया का सहारा नहीं लेना पड़ता!
चलिए कोई बात नहीं, वो राजनीति करते रहे और हम काम। जनता तो सब जानती ही है। 
'गीला गेहूं सूखने पर किसानों से खरीदी होगी'
दरअसल कांग्रेस ने किसानों के अनाज खरीदी के मुद्दे को उठाते हुए सरकार से सवाल पूछा था. लेकिन बीजेपी ने किसानों का अनाज लक्ष्य से ज्यादा खरीद कर मुद्दे का समाधान कर दिया. बारिश में अनाज (गेहूं) गीला हो जाने पर सरकार ने कहा कि गीला गेहूं सूखने पर किसानों से खरीदी होगी. वहीं मजदूरों के मुद्दे पर कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं ने सरकार की जमकर घेराबंदी की. लेकिन शिवराज सरकार ने ट्रेन और बसों के जरिए प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचा कर इसे मुद्दाविहीन बनाने की कोशिश की.
शिवराज सिंह ने कांग्रेस नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा कि आपके मुद्दा उठाने से पहले ही सरकार उस पर संज्ञान लेकर निपटारे का काम करती है. दरअसल बीजेपी सरकार की कोशिश 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले विपक्ष को मुद्दाविहीन करने की है. और इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह काफी हद तक कामयाब होते हुए दिख रहे हैं.
जीतू पटवारी ने शिवराज सरकार पर उठाए सवाल
सीएम शिवराज के विपक्ष के द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों पर संज्ञान लेते हुए उनके समाधान करने की बात को कांग्रेस के नेता और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने स्वागत योग्य बताया है. हालांकि उन्होंने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार भले ही यह दावा करे कि वो मुद्दों पर पहले से संज्ञान लेकर समस्या का समाधान कर रही हो. लेकिन हकीकत है कि प्रदेश में अनाज खरीदी से लेकर प्याज खरीदी पर सरकार की नीति स्पष्ट नहीं होने से किसान परेशान हो रहे हैं.