भोपाल | मध्य प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद से पूर्व सरकार के फैसलों को बदलने का सिलसिला लगातार जारी है. मौजूदा शिवराज सरकार (Shivraj Government) ने पूर्व की कमलनाथ सरकार (Kamalnath Government) के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसके तहत कृषि सलाहकार परिषद का गठन किया गया था. इस परिषद का गठन 5 साल के लिए हुआ था लेकिन शिवराज सरकार ने कृषि सलाहकार परिषद के गठन को निरस्त कर दिया है. पूर्व की कमलनाथ सरकार ने कृषि से जुड़े और किसानों की समस्याओं के संबंध में सुझाव देने के लिए समिति का गठन किया था.

2020 में किया गया था समिति का गठन

समिति का गठन फरवरी 2020 में किया गया था लेकिन प्रदेश में सत्ता बदलने के साथ ही पुरानी सरकार के फैसले को रद्द करने का काम तेजी के साथ हो रहा है. इसके तहत बीजेपी सरकार ने कांग्रेस सरकार के समय गठित हुई समिति को खत्म कर दिया है. इस बारे में शिवराज सरकार ने आदेश जारी कर दिए हैं.

पूर्व सरकार ने कृषि सलाहकार परिषद का गठन किसान प्रतिनिधियों से निरंतर संवाद बनाये रखते हुए प्राप्त सुझावों के क्रियान्वयन और समस्याओं के समाधान के लिये किया था. कृषि विकास मंत्री को परिषद का उपाध्यक्ष और प्रमुख सचिव किसान-कल्याण को परिषद का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया था. उस समय विशेष रूप से यह कहा गया था कि परिषद का कार्यकाल 5 वर्ष का होगा.

कृषि सलाहकार परिषद के ये थे सदस्य

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार परिषद में 20 सदस्य मनोनीत किये गए थे. मनोनीत सदस्यों में मुख्य सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त, प्रमुख सचिव किसान-कल्याण तथा कृषि विकास, प्रमुख सचिव उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, प्रमुख सचिव पशुपालन, प्रमुख सचिव मछुआ कल्याण तथा मत्स्य-पालन, प्रमुख सचिव खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, राजमाता विजयाराजे सिंधिया विश्वविद्यालय, ग्वालियर के वाइस चांसलर एस.आर. राव और राज्य कृषि विपणन संघ, राज्य सहकारी संघ, राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक और संचालक किसान-कल्याण तथा कृषि विकास, संचालक उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी एवं संचालक कृषि अभियांत्रिकी शामिल किए गए थे. इनके अलावा परिषद में 7 अशासकीय सदस्य मनोनीत किए गये थे. इन सदस्यों के नाम दिनेश गुर्जर मुरैना, शिवकुमार शर्मा होशंगाबाद, उमराव सिंह गुर्जर नीमच, केदार सिरोही हरदा, विश्वनाथ ओक्टे छिन्दवाड़ा, ताराचंद पाटीदार रतलाम और बृजबिहारी पटेल जबलपुर थे.