भोपाल/राजगढ।  कोरोना संक्रमण के चलते जहां देश सहित दुनिया भर के लोग इस महामारी से बचने की जद्दोजहद में लगा है, वही समाज में अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा और मान सम्मान बचाने के लिए लोग अमानवीय कृत्य को अंजाम दे रहे है। ऐसा ही एक मामला नवजात मासूम से जुड़ा हुआ है, जिसकी आंखें खुलने से पहले ही उसे दुनिया से विदा लेना पड़ा।  कुछ लोगों ने अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा बचाने के लिए उसे रोड किनारे फेंक कर अपने दायित्वों से किनारा कर लिया। जानकारी के अनुसार बीती 28 अप्रैल को फरियादी नानूराम पिता देवलाल वर्मा निवासी ग्राम सेमलापुरा  थाना भोजपुर ने सूचना दी कि सुबह करीब 5 बजे घर के सामने रोड किनारे किसी अज्ञात व्यक्ति ने जीवित नवजात शिशु को आम रोड पर असुरक्षित छोड़कर भाग गया है।  पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर तत्काल नवजात को सुरक्षा पूर्वक उठाकर उसे राजगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों के हर संभव प्रयास के बाद भी कुछ घंटों बाद नवजात की मोत हो गई। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना भोजपुर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ  मामला दर्जकर आगे की छानबीन शुरु की। पुलिस कप्तान प्रदीप शर्मा द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुये आरोपियों को तत्काल पकड़ने हेतु थाना प्रभारी भोजपुर निरीक्षक अजय मरकाम के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। इस टीम ने थाना भोजपुर इलाके के मुखबिरों की मदद से अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरु की। इस दोरान टीम को जल्द ही महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे जिसके आधार पर एक नाबालिक लड़की से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म स्वीकार करने के साथ ही अपने सहयोगियों के नाम माँगीलाल पिता देवीलाल तँवर निवासी पीपल्या ख्वास थाना भोजपुर और बंकट पिता माँगीलाल निवासी ग्राम डॉब थाना भोजपुर बताये।  जानकारी हाथ लगते ही पुलिस टीम ने तत्काल ही किशोरी के सहयोगीयों को भी पकड़ लिया एवं घटना के संबंध में पूछताछ कर गिरफ्तार कर लिया। जांच के बाद सामने आई जानकारी के आधार पर प्रकरण में बलात्कार  और पोक्सो एक्ट की धाराऐ भी बढाई गई । वही पुलिस ने तीनो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय मे पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस ने बताया कि किशोरी से एक आरोपी के शारिरीक संबध थे, इस दोरान वो गर्भवती हो गई, ओर नवजात के पैदा होने पर आरोपियो ने अपना पाप छिपाने के लिये नवजात को मरने के लिये जीवित ही सडक किनारे फैक दिया था।