भोपाल.शिवराज मंत्रिमंडल (shivraj cabinet) के करीब महीने भर बाद हुए गठन पर कांग्रेस (congress) ने चुटकी ली है. पूर्व सीएम कमलनाथ ने सवाल उठाया कि महीने भर बाद भी बीजेपी सिर्फ 5 मंत्री ही बना पायी और अपने कद्दावर नेताओं को बाहर रखकर दलबदलुओं को तरजीह दी गयी. कमलनाथ ने कहा आगे-आगे देखिए कितने दिन सरकार चला पाते हैं.
पूर्व सीएम कमलनाथ ने लिखा-कोरोना महामारी के संकट के इस दौर में आज मंत्रिमंडल गठन से भाजपा ने प्रदेश की 7.5 करोड़ जनता के साथ मज़ाक़ किया है. एक महीने बाद मंत्रिमंडल का गठन वो भी सिर्फ़ 5 मंत्री और विभाग का बंंटवारा नहीं ? इसी से समझा जा सकता है कि भाजपा में कितना अंतर्द्वंद चल रहा है, कितना आंतरिक संघर्ष चल रहा है.

बीजेपी में अंदरूनी लड़ाई
कमलनाथ ने आगे लिखा-प्रलोभन का खेल खेलकर इन्होंने कांग्रेस की स्थिर सरकार तो गिरा दी, अपनी सरकार बना ली. लेकिन यह सरकार ये चलाएंगे कैसे ? कितने दिन चलाएंगे ? आगे-आगे देखिये ? उन्होंने लिखा इस मंत्रिमंडल के गठन से ही बीजेपी के संघर्ष की वास्तविकता सामने आ चुकी है.


बीजेपी नेता बाहर-दलबदलू अंदर
पूर्व सीएम कमलनाथ ने लिखा-आज के मंत्रिमंडल गठन में ही भाजपा के कई ज़मीनी संघर्ष करने वाले अनुभवी, ईमानदार, योग्य , संकट के इस दौर में जिनके अनुभव की आज आवश्यकता थी , वो सब नदारद और जो संकट में भाग खड़े हुए वो अंदर हैं.


तन्खा ने कहा-असंवैधानिक
राज्य सभा सांसद और कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने भी शिवराज मंत्रिमंडल के गठन पर ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की. उन्होंने गठन को बताया असंवैधानिक बताया. तन्खा ने संविधान की धारा 164 ए का हवाला देकर कहा कम से कम 12 मंत्री बनने थे. उन्होंने सवाल उठाया कि बीजेपी को संवैधानिक प्रावधानों से परहेज क्यों हैं ? उन्होंने कमलनाथ सरकार गिराने में अहम भूमिका में रहे कांंग्रेस से बीजेपी में गए बाकी वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति पर भी तंज कसा. विवेक तन्खा ने उम्मीद जताई कि कोरोना की इस महामारी के कारण मौत के तांडव से प्रदेश जीतेगा.