अहमदाबाद | गुजरात विधानसभा राज्य सरकार ने माना कि पिछले दो साल में 222 जितने एशियाटिक शेरों की मौत हुई है| जिसमें 52 शेर, 74 शेरनी, 90 शावकों और 6 लापता समेत 222 शेर शामिल हैं|
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान जमालपुर-खाडिया के विधायक इमरान खेडावाला के सवाल के लिखित उत्तर में वन मंत्री गणपत वसावा ने कहा कि 23 शेरों की अप्राकृतिक मौत हुई है, जिसमें 9 शेर, 9 शेरनी और 5 शावक शामिल हैं| गुजरात में 2015 की गणना के मुताबिक 523 शेर थे| राज्य में दो साल में 222 शेरों की मौत हुई है| विधानसभा में वन विभाग की वर्ष 2019 की 1454 करोड़ की बजटीय मांग पेश करते हुए गणपत वसावा ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने वन्यजीवों के जतन एवं रक्षण के लिए खास ध्यान केन्द्रित किया है और उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने जारी वर्ष में वन विभाग के बजट में 12.97 करोड़ की वृद्धि की है| उन्होंने कहा कि ऐशियाटिक शेर गुजरात का गौरव हैं| सासण गिर में यात्रियों की संख्या कम करने के उद्देश्य से नर्मदा के केवडिया और डांग जिले में रु. 37 करोड़ की लागत से नए सफारी पार्क बनाए जाएंगे| शेरों के संरक्षण और जतन के लिए राज्य सरकार ने 350 करोड़ रुपए का लंबी अवधि का आयोजन किया है| जिसके लिए जारी वर्ष में रु. 123 करोड़ का प्रावधान किया गया है| जिसमें शेरों के उपचार के लिए अत्याधुनिक अस्पताल, शेर एम्ब्युलैंस, सीसीटीवी नेटवर्क, बड़े पैमाने पर रेडियो कोलर की कार्यवाही, क्षेत्रीय स्टाफ के लिए जीपीएसयुक्त वायरलैस फोन सर्वेलन्स और एक नए शेत्रुंजी डिवीजन का गठन किया जाएगा|