भोपाल,मध्य प्रदेश सरकार में मतभेदों की खबर के बीच कांग्रेस के कई विधायक एक बार फिर भोपाल लौट आए हैं। शनिवार को निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा के बाद अब विधायक बिसाहू लाल सिंह भी बेंगलुरु से भोपाल के लिए रवाना हो गए हैं। बिसाहू ने कांग्रेस के साथ किसी भी मतभेद से इनकार करते हुए कमलनाथ को अपना समर्थन देने की बात कही है।
पूर्व में कमलनाथ सरकार पर संकट होने की खबर सामने आने के बाद ही कांग्रेस के गुट के चार विधायक लापता बताए जा रहे थे। इनमें से हरदीप सिंह डंग ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। लापता तीन विधायकों में से सुरेंद्र सिंह शेरा भी अब वापस लौट आए थे।
 
मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल के साथ पहुंचे भोपाल
इसके बाद रविवार को मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल बिसाहू लाल सिंह को लेने के लिए बेंगलुरु पहुंचे। बघेल से बातचीत के बाद ही बिसाहू भोपाल के लिए रवाना हुए। इस दौरान दोनों नेताओं ने फ्लाइट में अपनी एक फोटो भी पोस्ट की। बिसाहू लाल ने कहा कि वह भोपाल पहुंचकर सीएम कमलनाथ से भेंट करेंगे। बिसाहू से पहले भोपाल पहुंचे सुरेंद्र सिंह शेरा ने कहा था, 'मैं अपनी बेटी के इलाज के लिए बेंगलुरु में था। मुझे किसी ने भी बंधक नहीं बनाया था। मैं मुख्यमंत्री कमलनाथ से बहुत जल्द मुलाकात करूंगा।'

क्या है विधानसभा का नंबर गेम?
मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं। 2 विधायकों का निधन होने से वर्तमान में 228 सदस्य हैं। कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं। इसके अलावा 4 निर्दलीय विधायक, 2 बीएसपी (एक पार्टी से निलंबित) और 1 एसपी विधायक का भी समर्थन मिला हुआ है। इस तरह कांग्रेस के खेमे में फिलहाल 121 विधायक हैं, वहीं बीजेपी के पास 107 विधायक हैं। बहुमत का आंकड़ा 116 है। अगर 10 विधायक पाला बदलकर बीजेपी में शामिल हो जाएं तो विधानसभा में बीजेपी का आंकड़ा 117 यानी बहुमत से एक सीट ज्यादा हो जाएगा। ऐसे में मध्य प्रदेश की मौजूदा सरकार के गिरने का खतरा मंडरा रहा है।