लखनऊ ,डिफेंस एक्सपो ने दुनिया को बता दिया की भारत कैसे विश्व की सबसे तेज उभरती हुई ताकत है। सेना के पराक्रम को पूरी दुनिया ने देखा। पलक झपकते ही जमीन से आसमान में गुम होते नजर आ रहे लड़ाकू विमान बता रहे थे कि विज्ञान और तकनीकी ने कितनी तरक्की की है। तेजस, किरन, डोनियर तथा हेलीकॉप्टरों में ध्रुव व रुद्र ने भई अपनी ताकत का अहसास कराया।

बुधवार की शाम के 4:02 बजे वृंदावन योजना के सेक्टर-15 में आतंकियों ने कब्जा कर लिया। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मौके पर मौजूद थे। सेना को मोर्चा संभालने का आदेश मिला। सेना ने गोलाबारी, ताबड़तोड़ फायरिंग और हवाई हमले कर महज 20 मिनट में इलाका खाली करा लिया। सेना की यह कार्रवाई प्रधानमंत्री के सामने हुई। उन्होंने सेना की जाबांजी का तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। मौका था डिफेंस एक्सपो के 11वें संस्करण के उद्घाटन समारोह का।

सेना के जांबाज पिछले सात दिनों से यहां पसीना बहा रहा थे। प्रधानमंत्री ने भी जवानों की जांबाजी का उत्साहवर्धन करने के लिए पूरा समय दिया। वह लगभग एक घंटे तक वायु सेना व थल सेना के कैशल को देखने के लिए कुर्सी पर डटे रहे। इस दौरान तेजस, सुखोई, किरन, जगुआर जैसे लड़ाकू विमान, चिनूक, रुद्र, ध्रुव, बी-17, एएलएच मार्क फोर्ड  हेलीकाप्टर, डोर्नियर विमान व मालवाहक ग्लोबमास्टर के साथ अर्जुन, वज्र, भीष्म आदि टैंकों ने अपनी ताकत का परिचय दिया। यह नजारा देखने के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ राज्यपाल आनंदी बेन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सीडीएस जनरल बिपिन रावत, तीनों सेना के प्रमुख आदि मौजूद रहे।

डेयरडेविल्स ने रोंगटे खड़े किये
प्रदर्शन की शुरुआत डेयर डेविल्स से हुई। बहादुर जवानों ने बाइक पर रोंगटे खेड़े करने वाले प्रदर्शन किए। आग की लपटों से निकलकर हर परिस्थिति से निपटने की बहादुरी दिखाई तो चलती बाइक पर समाचार पत्र पढ़ने व सोने की कला भी दिखाई। इसके अलावा सोला लैंडर, थ्री मैन लैंडर, मंकी लैंडर, डिफेंस शील्ड, कमल का फूल, पिरामिड, डेयर डेविल जम्प, मरकरी ब्राइट, मरकरी स्प्राइड आदि का प्रदर्शन देखकर लोगों ने दातों तले उंगलियां दबा ली।

8000 फुट ऊंचाई से कूदे पैरा ट्रूपर्स
अपराह्न लगभग 3.15 बजे आकाश गंगा की टीम ने अपना प्रदर्शन शुरू किया। पैराशूट लेकर जमीन से 8000 फुट की ऊंचाई से 15 पैराट्रूपर्स विंग कमांडर भवानी सिंह सान्याल के नेतृत्व में एक साथ छलांग लगाई। उन्हें लैंडिंग के स्थान की जानकारी देने के लिए जैसे ही मैदान में एक स्थान पर स्माग किया गया वैसे ही मौजूद लोगों की निगाह आसमान में टिक गई। हर किसी की निगाहें पैरा ट्रूपर्स को खोजने में जुटी थी। लगभग पांच मिनट बाद एक पैराट्रूपर जैसे ही  दिखाई दिया लोगों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन करना शुरू कर दिया। आसमान में कलाबाजी करते हुए जैसे-जैसे नीचे आ रहे थे लोगों में रोमांच बढ़ता जा रहा था। कोई तिरंगा लेकर उतरा तो कोई तिरंगा बनाते हुए। तीन पैराट्रूपर्स एक के ऊपर एक तिरंगा बनाते हुए जमीन पर बनाए गए निश्चित लैंडिंग स्थल पर लैंडिंग की।

प्रधानमंत्री की मौजूदगी के साथ शुरू हुआ एयर शो
लाइव डेमो एरिया में ठीक 3:32 बजे प्रधानमंत्री का प्रवेश हुआ। इसी के साथ तीन बी-17 हेलीकाप्टर सेना के तीनों अंगों का झण्डा लेकर निकल पड़े। प्रधानमंत्री को सल्यूट करते हुए भरोसा जताया कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। इसके बाद एण्टी टैंक मिसाइल वाहक हेलीकाप्टर एएलएच मार्क फोर्ड ने फ्लाईपास्ट किया। अभी कुछ दिन पहले वायु सेना के बेड़े में शामिल हुआ दो रोटर वाला चिनूक ने देश के और अधिक मजबूती प्रदान करने का भरोसा दिया। इस हेलीकाप्टर में 11 टन वजन लेकर युद्ध के मैदान में दुश्मन के दांत खट्टे करने की ताकत है। साथ ही एचएल का काम्बैक्ट हेलीकॉप्टर भी फार्मेशन बनाता हुआ और चार डोर्नियर यूटिलिटी विमान ने भी प्रधानमंत्री के सामने फ्लाईपास्ट किया।

किरन ने बनाया तिरंगा
रोमांच को बढ़ाते हुए आसमान की ऊंचाई से लड़ाकू विमान किरन का प्रवेश हुआ। तीन विमानों ने तिरंगा बनाते हुए लोगों में देशभक्ति का जोश भर दिया। दो तेजस विमान की सुरक्षा में जगुवार व सेना के मालवाहक विमान ग्लोबमास्टर का प्रवेश हुआ। 

सुखोई ने बनाया त्रिशूल
शाम के 3:40 बजते ही तेज आवाज के साथ तीन सुखोई विमानों का आगमन हुआ। आसमान में गोता लगाते कभी ऊपर तो कभी अचानक नीचे आते हुए देखकर लोगों का दिल धड़कने लग रहा था। उसने आसमान में त्रिशूल, गोलाकार आकृति व यूटर्न लेकर सभी को चौका दिया।

सूर्य किरण ने दिखाई प्रतिभा
सूर्य किरण की टीम का नौ विमानों के साथ प्रवेश हुआ। टीम ने रोंगटे खड़े करने वाले करतब दिखाए। 300 किलोमीटर की गति से गजब का संतुलन बनाते हुए तेजस, मिग-21, राफेल, अंतरिक्ष यान आदि फार्मेशन बनाया तो लोग भारत माता की जय बोलने को मजबूर हो गए। एक विमान तो अचानक पलटकर उड़ा तो लोग खड़े होकर उत्साहवर्धन करने लगे।

थल सेना ने दिखाया कौशल
शाम के 4:02 बजते ही वृंदावन इलाका आतंकियों के कब्जे में होने की घोषणा हुई। सेना को कार्रवाई करने का आदेश मिला। एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी में आतंकियों ने बारुदी सुरंग बिछा दी थी। आर्टिलरी के जवानों ने मोर्चा संभाला। कृत्रिम रूप से बनाई गई नदी पर पुल का निर्माण करते हुए सेना के टैंक अर्जुन, वज्र, भीष्म आदि का प्रवेश हुआ। आसमान से वायु सेना के हेलीकाप्टर से कमांडो उतारे गए। गोलों की बारिश हुई। बीएमपी टैंक पानी की गहराई से कूदते हुए रैम्प से छलांग लगाई। युद्ध कौशल में सेना का जज्बा देखने लायक था। महज 20 मिनट की कार्रवाई में एक-एक आतंकी को मार गिराया और पूरा इलाका आतंकियों से खाली करा लिया। सैन्य कार्रवाई पूरी होने की घोषणा के बाद भी प्रधानमंत्री बैठे रहे। रक्षामंत्री राजनाथ सिहं व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ