अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने शुक्रवार को कोविड-19 की स्थिति का सामना करने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से कुल 200 करोड़ रुपए स्वास्थ्य विभाग को और राज्य के 7 महानगरों को आवंटित करने की घोषणा की है। 
विजय रूपाणी ने कोरोना कोविड-19 महामारी से पैदा हुई प्रतिकूल आर्थिक स्थिति में से राज्य की अर्थव्यवस्था को पुनः गतिशील बनाने तथा जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए 14022 करोड़ रुपए के गुजरात आत्मनिर्भर पैकेज में कोरोना के खिलाफ लंबी लड़ाई में जीत हासिल करने को स्वास्थ्य सुविधाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाने का भी उदार भाव दर्शाया है। मुख्यमंत्री ने राज्य में वर्तमान स्थिति में कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए नियंत्रण के उपायों, दवाइयों, किट सहित अन्य उपकरणों और कोरोना वॉरियर्स की मृत्यु के मामले में सहायता के लिए सभी नागरिकों से मुख्यमंत्री राहत कोष में उदार हाथ से योगदान देने की अपील गत मार्च महीने में की थी। कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में विशेष अलग कोष के लिए रूपाणी की अपील पर राज्य के नागरिकों, सेवाव्रतियों और उद्योग समूहों ने उदारता के साथ योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने मानवीय संवेदना का दृष्टिकोण अपनाते हुए इस कोष में से 25 लाख रुपए की सहायता राशि कोरोना संक्रमण काल के दौरान आवश्यक सेवा के तहत ड्यूटी के दौरान स्वयं कोरोना संक्रमित होकर जान गंवाने वाले राजस्व विभाग एवं पुलिस कर्मी, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, सफाईकर्मी, उचित मूल्य की दुकान के संचालक, तुलैया और बिल क्लर्क सहित कोरोना वॉरियर्स के परिवारजनों को विपदा की घड़ी में साथ खड़े रहकर देने का निर्णय किया है। अब तक 1 राजस्व विभाग के कर्मयोगी और 3 पुलिसकर्मियों सहित कुल 4 दिवंगत कर्मचारियों के परिवारजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से कुल 1 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई है। 
विजय रूपाणी ने श्रमिकों-कामगार वर्गों के प्रति भी संवेदना दर्शाते हुए गुजरात के विभिन्न शहरों में आजीविका के लिए बसे अन्य राज्यों के श्रमिकों को कोरोना वायरस के चलते पैदा हुए लॉकडाउन के हालात में उनके परिवारजनों के पास गृह राज्य स्पेशल श्रमिक ट्रेन से भेजने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की थी। ऐसे श्रमिकों  के लिए 900 से अधिक स्पेशल श्रमिक ट्रेन गुजरात से बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों में चलाने के लिए २५ करोड़ रुपए का भुगतान भी मुख्यमंत्री राहत कोष के इस कोविड-१९ फंड में से भारतीय रेलवे को मुख्यमंत्री के दिशानिर्देश पर किया गया है। अब, मुख्यमंत्री ने गुजरात आत्मनिर्भर पैकेज के विभिन्न प्रावधानों में भी कोरोना कोविड-19 संक्रामक रोग के खिलाफ लड़ाई पर विजय प्राप्त कर कोरोना को हराने के संकल्प के साथ 200 करोड़ रुपए स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवंटित करने की रणनीति बनाई है। मुख्यमंत्री ने इस गुजरात आत्मनिर्भर पैकेज में मुख्यमंत्री राहत कोष के कोविड-19 फंड में से 100 करोड़ रुपए राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग को आवंटित करने की घोषणा की है। 
यही नहीं, कोरोना संक्रमण से ज्यादा प्रभावित महानगरों अहमदाबाद के लिए 50 करोड़ रुपए, सूरत के लिए 15 करोड़, वडोदरा और राजकोट के लिए 10-10 करोड़ तथा भावनगर, जामनगर और गांधीनगर महानगरपालिका को 5-5 करोड़ रुपए सहित कुल अतिरिक्त 100 करोड़ रुपए शहरी क्षेत्रों में कोरोना के खिलाफ जंग में स्वास्थ्य सुविधाओं की सुदृढ़ता के जरिए विजय प्राप्त करने को आवंटित किए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक नागरिक से कोरोना वॉरियर्स बनकर ‘कोरोना हारेगा-गुजरात जीतेगा’ के मंत्र के साथ कार्यरत होने का जो प्रेरक आह्वान किया है, उसमें यह 200 करोड़ रुपए का बड़ा आवंटन नया जोश पैदा करेगा।