मुंबई. नायर अस्पताल की डॉक्टर पायल तडवी आत्महत्या मामले में पुलिस ने मंगलवार को सत्र अदालत में तीनों आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ चार्जशीट दायर की। सरकारी वकील राजा ठाकरे ने बॉम्बे हाईकोर्ट को यह जानकारी दी है। हाईकोर्ट में आरोपी डॉक्टरों की जमानत को लेकर सुनवाई जारी थी, जिसे अदालत ने 25 जुलाई तक के लिए टाल दिया।

इससे पहले 16 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने इस प्रकरण में आरोपी महिला डॉक्टरों की जमानत के विरोध में हलफनामा दायर किया था। इस मामले में डॉ. हेमा अहूजा, डॉ. भक्ति मेहर व डॉ. अंकिता खंडेलवाल को आरोपी बनाया गया है।

बचाव पक्ष की दलील
न्यायमूर्ति नायडू के सामने आरोपी डॉक्टरों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता आबाद पोंडा ने कहा था कि मेरे मुवक्किलों ने डॉक्टर तडवी को सिर्फ उसका काम ठीक ढंग से करने को कहा था। उन्होंने डॉक्टर तडवी को कोई जातिगत ताना नहीं मारा था। फिर भी पुलिस ने उन पर आत्महत्या के लिए उकसाने व रैंगिग का आरोप लगाया। वे पिछले 50 दिनों से जेल में हैं।

मामले से जुड़े सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति ने मामले की सुनवाई 23 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया था। आज फिर एक बार इस मामले में सुनवाई हुई। लेकिन चार्जशीट की बात सामने आने के बाद अदालत ने इस मामले की सुनवाई 25 जुलाई तक के लिए टाल दी। 

निचली अदालत में खारिज हुई है जमानत याचिका

हाईकोर्ट में मामले की आरोपी तीन महिला डॉक्टरों की जमानत आवेदन पर सुनवाई चल रही है। निचली अदालत ने तीनों डॉक्टरों को जमानत देने से इंकार कर दिया है। लिहाजा आरोपी डॉक्टरो ने हाईकोर्ट में जमानत आवेदन दायर किया है।

डॉ पायल तडवी ने नायर अस्पताल के छात्रावास में 22 मई को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद इस मामले में अस्पातल में कार्यरत डाॅ. हेमा अहूजा, डाॅ. भक्ति मेहरे व डाॅ. अंकिता खंडेलवाल को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से तीनों डॉक्टर आर्थर रोड जेल में है।