मुंबई: चुनाव आयोग के निर्देश के बाद मुंबई के संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) देवेन भारती का राज्य सरकार ने तबादला कर दिया। भारती को संयुक्त पुलिस आयुक्त (आर्थिक अपराध शाखा) बना दिया गया है। वहीं अब तक आर्थिक अपराध शाखा में संयुक्त पुलिस आयुक्त का जिम्मा संभाल रहे विनय कुमार चौबे अब मुंबई में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे।
 
भारती अप्रैल 2015 से इस पद पर तैनात थे। राज्य सरकार उन्हें चुनाव के दौरान भी बनाए रखना चाहती थी। सरकार की ओर से दो बार इससे जुड़ा प्रस्ताव चुनाव आयोग को भेजा था। लेकिन चुनाव आयोग ने शनिवार को कड़ा रुख अपनाते हुए भारती को रविवार 1 बजे से पहले पद से हटाने का निर्देश दिया था। साथ ही तीन ऐसे अफसरों के नाम भी चुनाव आयोग ने मांगे थे जिनकी नियुक्ति भारती की जगह की जा सकती है।

नियमों के मुताबिक, कोई पुलिस अधिकारी एक पद पर तीन साल से अधिक नहीं रह सकता, जबकि भारती चार साल से मुंबई में कानून व्यस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। यह संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) पर किसी अधिकारी का सबसे बड़ा कार्यकाल है। चुनाव आयोग ने तीन महीने पहले राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि वह एक पद पर तीन साल से तैनात पुलिस वालों का दबादला करें।

जिसके बाद कुछ अधिकारियों का तबादला किया गया था लेकिन राज्य सरकार ने भारती को यह कहते हुए पद पर बरकरार रखने के इजाजत मांगी कि मुंबई में नए पुलिस आयुक्त की नियुक्ति हुई है ऐसे में भारती के तबादले से कानून व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। शुरूआत में चुनाव आयोग ने इसे मंजूर कर लिया था लेकिन पश्चिम बंगाल में आईपीएस अधिकारियों के तबादले के बाद ममता बनर्जी ने नाराजगी जताते हुए चुनाव आयोग को 7 पेज का शिकायती पत्र सौंपा जिसमें उन्होंने उन पुलिस अधिकारियों के नाम लिखे थे जिनका कार्यकाल पूरा होने के बाद भाजपा सरकारों ने तबादला नहीं किया है। माना जा रहा है कि इसके बाद ही चुनाव आयोग ने भारती को लेकर सख्ती दिखाई।