मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्कूल बस से अगवा किए गए जुड़वां बच्चों का शव मिलने के बाद विपक्ष सरकार पर हमलवार हो गया है. नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा है कि अब प्रदेश में दो ही उद्योग चलेंगे एक अपहरण का दूसरा ट्रांसफरों का. कमलनाथ चाहें तो इन दोनों उद्द्योगों की इंवेस्टर्स समिट भी बुला सकते हैं. प्रदेश सरकार और प्रशासन अपहृत जुड़वा बच्चों को अपहरकर्ताओं से मुक्त कराने में 12 दिन बाद भी असफल रहे और मासूमों की हत्या कर दी गई. प्रदेश सरकार ट्रांसफरों में मस्त है.  गोपाल भार्गव ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि भगवान मृत बच्चों की आत्मा को शान्ति दें और उनके माता-पिता व परिजनों को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें.

बता दें कि 12 फरवरी को सतना में एक स्कूल बस से इन दो बच्चों का अपहरण किया गया था. जानकारी के मुताबिक अपहरणकर्ताओं ने पहचान उजागर होने की आशंका में बच्चों को के हाथ-पैर बांध कर यमुना में फेंक दिया.
पुलिस ने दोनों बच्चों की मौत की पुष्टि कर दी है. अपहरण के 12 दिन बीच जाने के बाद भी बच्चों का पता लगाने मे नाकाम रही मध्य प्रदेश पुलिस की बड़ी नाकामी सामने आई है.जिन छह लोगों को पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार किया है ये पेशेवर अपराधी नहीं हैं, बल्कि जल्द पैसा कमाने के लालच में शॉर्टकट अपनाने वाले संपन्न घरों के लड़के हैं. गिरफ्तार आरोपियों में एक स्कूल के सुरक्षा गार्ड का बेटा, एक बच्चों कोचिंग पढ़ाने वाला लड़का, एक बीटेक का छात्र और एक पुरोहित का बेटा शामिल है.