कोरोना में हुए लॉकडाउन के बाद सबसे बड़ी समस्या मजदूरों की पैदा हो गई है। गांव लौट गए मजदूर अब लौटना नहीं चाहते। इसी समस्या से दो चार होना पड़ रहा है अहमदाबाद और सूरत की मेट्रो परियोजना को। सबकुछ फाइनल होने के बावजूद श्रमिकों की कमी सबसे बड़ी बाधक बन गई है। ऐसे में जीएमआरसीएल ने 12 लाख रुपए खर्च कर उड़ीसा से 150 कुशल श्रमिकों को हवाई जहाज से बुलाया है।

माना जा रहा है अभी और कुशल मजदूरों को हवाई जहाज से लाया जाएगा। सूरत में भी यही समस्या सामने आ गई है। अहमदाबाद मेट्रो परियोजना अनलॉक के बाद एक बार फिर से बहाल हुई है। इसमें 40 किमी लंबे ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर का अंडरग्राउंड काम शुरू हो गया है। लॉकडाउन से पहले यहां 700 स्पेशलिस्ट श्रमिक काम करते थे, जो अधिकतर ओडिशा और झारखंड से थे। लेकिन लॉकडाउन के बाद कोरोना के कारण श्रमिक चले गए। श्रमिकों  के बिना काम लॉकडाउन में बन्द था। काम शुरू होने के बाद कॉन्ट्रेक्टरों ने काम समय पर पूरा हो, इसके लिए श्रमिकों को जून महीने में बुलाने का काम किया।

अभी 20% श्रमिक ही लौटे, सुरंग का काम दिसंबर तक पूरा होगा

अभी में अहमदाबाद में वस्राल से थलतेज और मोटेरा से वासणा तक मेट्रो परियोजना का कार्य शुरू है। वस्राल से खोखरा एपरेल पार्क तक मेट्रो परिचालन शुरू है, लेकिन अभी कोविड के चलते मेट्रो ट्रेन ऑपरेशन बंद है। गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का कहना है है कि एपरेल पार्क से शाहपुर तक 6.83 किमी का अंडरग्राउंड टनल बनाने का काम चल रहा है। सुरंग का ज्यादातर काम हो चुका है, लेकिन श्रमिकों की कमी से दिसम्बर तक पूरा हो पाएगा।

टनल के लिए जुटे थे 700 श्रमिक, बाकी को भी जल्द लाने की तैयारी

जीएमआरसीएल ने बताया कि यहां लॉकडाउन के पहले लगभग 700 स्पेशलिस्ट श्रमिक काम कर रहे थे, जो अंडरग्राउंड वर्क में माहिर थे। उनमें से अनलॉक के बाद उन्हें बुलाने का कार्य शुरू हुआ। जिसमें 150 श्रमिक को हवाई जहाज से बुलाया गया है। जिसमें कॉन्ट्रेक्टर ने इस काम पर 12 लाख रुपए बुलाने में खर्च किया है। इनमें से अधिकतर श्रमिक ओडिशा से लाए गए हैं। जबकि इनमें से कुछ श्रमिक झारखंड और बिहार से भी बुलाए गए हैं।

साइट का हिस्सा कंटेनमेंट जोन में होने से गए थे श्रमिक

अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के लिए अभी केवल 20% श्रमिकों की ही मौजूदगी है, क्योंकि लॉकडाउन में काम बंद था। अनलॉक के बाद अहमदाबाद में 40 किमी ईस्ट वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर में केवल 6 किमी मेट्रो रेल ट्रैक पर ट्रेनें शुरू हैं, बाकी का निर्माण कार्य शुरू है। इसके अधिकतर रूट कन्टेन्टमेंट जोन में हैं, जिससे श्रमिक चले गए।

डेढ़ माह में और बढ़ेगा संकट

जीएमआरसीएल ने बताया कि मौजूदा समय में कोविड के कारण अभी भी अहमदाबाद मेट्रो के लिए श्रमिकों की जरूरत है, जिन्हें बुलाया जा रहा है। काम 50 प्रतिशत से ज्यादा शुरू हो चुका है। जबकि सूरत में अगर टेंडर अभी अवार्ड हो जाए तो बड़ी संख्या में श्रमिकों की जरूरत पड़ेगी। जिसके लिए कॉन्ट्रेक्टरों को इंतजाम करना है। इसलिए अगले डेढ़ महीने में जब टेंडर अवार्ड होगा, तब श्रमिकों की कमी शायद पूरी हो जाएगी।