पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के ऑडिटोरियम में गुरुवार को शिक्षा विभाग की तरफ से राज्यस्तरीय टीचर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समागम में मुख्य मेहमान शिक्षा मंत्री विजयइंद्र सिंगला थे।
उन्होंने समागम में 55 शिक्षकों को स्टेट अवार्ड से सम्मानित करते हुए राष्ट्र के निर्माण में अध्यापकों की भूमिका पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्यक्ष भर्ती वाले 1933 हेड टीचरों और सेंटर हेड टीचरों को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया शुरू की।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में शिक्षा नीति और सूचना के अधिकार पर ध्यान केन्द्रित करने वाला पंजाब पहला राज्य है और इसने प्री-स्कूल शिक्षा नीति पर विशेष जोर दिया है। अध्यापकों की तबादला नीति को रूप देने के लिए सचिव स्कूल शिक्षा कृष्ण कुमार की प्रशंसा की।

वहीं शिक्षा सचिव सचिव स्कूल शिक्षा कृष्ण कुमार ने इस मौके पर विभाग द्वारा शुरू किए गए प्रयासों की प्रशंसा की। अवॉर्ड विजेता अध्यापकों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि इससे अध्यापक भी प्रेरित होंगे और वह भी मुकाबलेबाजी में बढ़िया सेवाएं निभाएंगे।
खेलों में छिपा बच्चों की तंदुरुस्ती का राज, जल्दी ही बनेगी नई खेल नीति
इस दौरान शिक्षा मंत्री ने अध्यापकों को विद्यार्थियों में ठोस और नैतिक मूल्य पैदा करने पर अपना पूरा ध्यान केन्द्रित करने कहा। वहीं खेल में बच्चों की तंदुरुस्ती का राज बताते हुए स्कूलों में खेल सरगर्मियां बढ़ाने पर जोर देते जल्दी ही नई खेल नीति बनाने की बात भी कही। गरीब बच्चों की पढ़ाई पर भी विशेष जोर दिया।

स्पेशल ओलंपिक में पदक जीतने वाले सम्मानित
इस मौके पर वर्ल्ड स्पेशल ओलंपिक आबूधाबी में पदक जीतने वाले स्पेशल खिलाड़ियों का सम्मान भी किया गया। इस मौके पर 55 अध्यापकों को स्टेट अवॉर्ड और 17 प्रशंसा पत्र भी दिए गए।

हरियाणा में 39 अध्यापकों को मिला शिक्षक सम्मान
हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य पर प्रदेश के 39 शिक्षकों को शिक्षक सम्मान और कलाकार महाबीर गुड्डू को हरियाणवी कला व संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पंडित लखमीचंद अवार्ड से सम्मानित किया। इस मौके पर राज्यपाल ने अध्यापकों का आह्वान किया कि वे बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण की शिक्षा भी दें, ताकि भारत को फिर से विश्व गुरु का दर्जा मिल सके। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने की।

राज्यापाल गुरुवार को हरियाणा राजभवन में हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वास्तव में अध्यापक ही राष्ट्र-निर्माता होता है। शिक्षक ही राजनेता, समाज सेवक, प्रशासक, वैज्ञानिक, सैनिक, तकनीशियन आदि का निर्माण करता है।
उन्होंने अध्यापकों को शिक्षक दिवस की बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप अन्य अध्यापकों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इसलिए मेरा अनुरोध है कि आप ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर बेहतर करें, ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। आर्य ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीम राव आंबेडकर ने भी शिक्षा के महत्व को समझते हुए समाज को शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो का सूत्र दिया।

गवर्नर ने कहा कि देश में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सर्व शिक्षा अभियान की शुरुआत की थी। अभियान को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यू इंडिया की परिकल्पना की और स्किल इंडिया का नारा दिया। स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए नेशनल वोकेशनल एजुकेशनल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क योजना चलाई गई है। इस योजना को लागू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है।

हरियाणा में सुपर कार्यक्रम की शुरुआत
शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने कहा कि प्रदेश में पहले 11 अध्यापकों को राज्यस्तरीय पुरस्कार दिए जाते थे। जबकि इस साल 39 अध्यापकों को शिक्षक सम्मान  प्रदान किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने अध्यापकों से अपील की कि युवा पीढ़ी को वर्तमान जरूरतों के अनुसार शिक्षा देने के साथ-साथ संस्कारी शिक्षा भी दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा बिहार के सुपर-30 की तर्ज पर हरियाणा में भी सुपर-100 कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। जिसके तहत प्रतिभावान बच्चों को राष्ट्रीय स्तर के व्यावसायिक कोर्सों और डिग्रियों में निशुल्क कोचिंग दी जा रही है।
ये शिक्षक सम्मानित
समारोह में सम्मानित शिक्षकों में जयपाल दहिया, प्रधानाचार्य, जीएमएसएसएस सांघी, रोहतक, अश्वनी कुमार, प्रधानाचार्य, जीएसएसएस ढोलिका, महेंद्रगढ, अशोक कुमार, पीजीटी संस्कृत जीएचएस बादल, भिवानी, सुरेंद्र सिंह, पीजीटी बायोलॉजी, जीएसएसएस, जहाजपुल हिसार, सुखविंदर कौर, पीजीटी फिजिकल शिक्षा, जीएसएसएस गंगवा, हिसार, ममला राम, पीजीटी हिंदी जीएसएसएस कलीराम, कैथल, सुरेश कुमार, पीजीटी हिन्दी, जीएसएसएस बाटला, कैथल, अरविंद कुमार, पीजीटी फिजिक्स, सार्थक जीआईएमएसएस, सेक्टर-12-ए पंचकूला, राजबाला, ईएसएचएम, जीएमएस, हरसिंहपुरा, करनाल, वीरेंद्र सिंह, ईएसएचएम, जीएमएस, केमला ब्लॉक कनीना, महेंद्रगढ़, श्रीमती सुदर्शना देवी ईएसएचएम जीएमएस अभयपुर, पंचकूला, अजय सिंह ईएसएचएम,जीएमएस भटसाना, रेवाड़ी, उर्मिला देवी, टीजीटी संस्कृत, जीएमएस, ढाणी रहीमपुर, लोहारू भिवानी, पवन कुमार वत्स, टीजीटी संस्कृत, जीएचएस, रावलवास खुर्द, लौहारु, हरेंद्र सिंह, टीजीटी सामाजिक अध्ययन, जीजीएचएस, मानकवास चरखी दादरी, जगबीर सिंह, टीजीटी  सामाजिक अध्ययन,जीएमएस कुंडल रेवाड़ी, जयवीर सिंह, टीजीटी हिन्दी, जीएचएस, शेखपुरा हिसार, कुलदीप सिंह, टीआरटी हिन्दी, जीएसएसएस मुरथल, सोनीपत, बिक्रम सिंह, टीजीटी मैथ्स, जीएचएस कटवाल, सोनीपत, राजेन्द्र शर्मा टीजीटी मैथ्स,जीएमएस डुमरा  कैथल, सुनीता टीजीटी विज्ञान, सार्थक, जीआईएमएसएसएस, सेक्टर-12-ए, पंचकूला शामिल हैं। इन्हें 21 हजार रुपये की नकद राशि, प्रशस्ति पत्र, शाल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

इनको भी सम्मान
इसके अलावा, ओम प्रकाश टीजीटी विज्ञान, जीएमएस कुंडल, रेवाड़ी, भूपेंद्र सिंह, टीजीटी विज्ञान, जीएसएसएस, राजगढ़, रेवाड़ी, वंदना खटकर, टीजीटी विज्ञान, जीजीएसएसएस, नाहरा, सोनीपत, ओम प्रकाश पीटीआई, सार्थक जीआईएमएसएस, सेक्टर -12 ए पंचकूला, राजकुमार, प्रमुख शिक्षक ,जीपीएस सीमला कैथल, मोहम्मद फ़ारूक, प्रमुख शिक्षक ,जीपीएस नीमका, मेवात, उषा गुप्ता हेड टीचर जीपीएस, सूरजपुर, पंचकूला, आशा रानी, प्रमुख शिक्षक ,जीपीएस, भाकली, रेवाड़ी, दारा सिंह, पीआरटी,जीपीएस, गोविंदपुरा, चरखी दादरी, महाबीर प्रसाद, पीआरटी जीपीएस, भिरडाना, फतेहाबाद, विनोद कुमार पीआरटी, जीपीएस, नया गांव सोहना गुरुग्राम, सुशील कुमार, पीआरटी, जीपीएस, सीढा माजरा, जींद, डॉ. कविता पीआरटी, जीजीपीएस, संघन, कैथल, प्रमिला, पीआरटी, जीपीएस, बुचावास महेंद्रगढ़, राजेश कुमार, पीआरटी, जीपीएस मदनपुर, पंचकूला, भूदत्त शर्मा, पीआरटी, जीपीएस भाकली रेवाड़ी, प्रतिभा, पीआरटी, जीजीपीएस, मॉडल टाउन, रोहतक, सुनिता छिक्कारा, पीआरटी, जीएमएस, रेवली, सोनीपत को भी शिक्षक सम्मान से नवाजा गया।