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Date 22-01-18

आधार कार्ड बनवाना चुनौती जैसा, 15 मिनट के काम में लग रहे दो दिन

By Khabarduniya :13-01-2018 07:46


भोपाल । आधार कार्ड सेंटरों पर नए आधार के लिए पंजीयन करवाना या पुराने में संशोधन करवाना किसी चुनौती से कम नहीं है। जिस काम में महज 15 मिनट लगने चाहिए, उसके लिए लोगों को दिनभर और कई बार दो-दो दिन तक परेशान होना पड़ रहा है। इसके चलते कामकाजी लोग बिना पंजीयन कराए ही लौट जाते हैं।

इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है शहर में पर्याप्त आधार सेंटरों का न होना। साथ ही सेंटरों पर लगने वाली भीड़ और तकनीकी गड़बड़ी के कारण भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नवदुनिया टीम ने शुक्रवार को शहर के कुछ आधार सेंटरों का जायजा लिया तो लोग टोकन लिए लंबी कतार में खड़े अपनी बारी का इंतजार करते मिले।

इन आधार सेंटरों पर ये थे हालात

- जेपी अस्पताल (आधार सेंटर) : सुबह 11 बजे

दिनभर लगा तब जाकर हुआ करेक्शन

शुक्रवार को जेपी अस्पताल में सुबह 11 बजे से टोकन लेकर करीब 60 लोग अपनी बारी का इंजतार कर रहे थे। आधार कार्ड में वर्तमान पते को बदवाने आए वैद्यनाथ राय ने बताया कि पिछले दो दिनों से वे टोकन लेकर सेंटर आ रहे हैं। लेकिन लंबी लाइन के कारण उनका नंबर नहीं आ रहा। कम से कम दो घंटे का इंतजार करने का कहा जाता है। उन्होंने बताया कि अपने परिवार के चार सदस्यों के आधार कार्ड में परिवर्तन के लिए एक दिन की छुट्टी ली। रोज की तरह सुबह 11 बजे भरे फार्म पर नंबर मिला और दोपहर 3 बजे उनके आधार कार्ड में परिवर्तन हो पाया। अब उन्हें 10 दिनों के अंदर एसएमएस से सूचना प्राप्त होगी, फिर आधार कार्ड मिलेगा।

दुकान ही बंद करनी पड़ी और बनवाया आधार कार्ड

अवधपुरी स्थित आधार कार्ड सेंटर पर दोपहर 1ः30 बजे बड़ी संख्या में लोग लाइन लगाकर खड़े थे। इनमें कुछ लोग ऑफिस वाले थे, जो दोपहर के ब्रेक में आए थे, तो कुछ लोग अपनी दुकान बंद कर आधार कार्ड में करेक्शन के लिए आए थे। सभी को जल्दी थी। लेकिन भीड़ के चलते ज्यादातर लोग लौट गए। यहां आई दीप्ति ने बताया कि वे रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाती हैं। स्कूल में बच्चे के एडमिशन के लिए समग्र आईडी बनवाने से पहले आधार कार्ड जरूरी है। इसलिए वे दुकान बंद करके बच्चे का आधार बनवाने आई हैं। तीन घंटे तक लाइन में लगने के बाद उनका नंबर आया।

एक फार्म का डाटा फिल करने में लगता है 15 मिनट

जेपी आधार सेंटर पर कार्य करने वाले सुपरवाइजर अंकित पुरी ने बताया कि एक व्यक्ति का डाटा फिल करने में 15 मिनट का समय लगता है। 11 बजे से 4 बजे तक सेंटर्स पर काम किया जाता है। दिनभर में अधिकतम 40 फार्म ही पूरे कर पाते हैं। बाकी लोगों को बाद में आने को कहना पड़ता है। 11 बजे फार्म पर ही नंबर दिया जाता है। रोजाना सेंटर पर दोगुने से ज्यादा लोग पहुंचते हैं।

प्राइवेट सेंटर्स भी बंद, इसलिए भी बढ़ी परेशानी

शहर में धड़ल्ले से खुले आधार कार्ड बनाने वाले प्राइवेट सेंटरों को सरकार ने बंद कर दिया है। फर्जी आधार कार्ड बनाने, फ्रेंचाइजी व अन्य छोटी कंपनियों को काम सौंपने, आधार डेटा में सेंध, अपडेशन में मनमानी वसूली की शिकायतों के बाद केंद्र सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में आधार कार्ड बना रही प्राइवेट कंपनियों को 30 सितंबर 2016 तक अपने सेंटर बंद करने के निर्देश दिए थे। इस कारण भी लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

इसलिए भी हो रही परेशानी

शहर की आबादी करीब 23 लाख है। वहीं आधार कार्ड सेंटर्स की संख्या महज 167 है। मतलब 13,772 लोगों पर सिर्फ एक आधार सेंटर है। सेंटरों की संख्या कम होने की वजह से लोगों का ज्यादा समय बर्बाद होता है। नए आधार कार्ड बनवाने के साथ ही बहुत सारे लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें अपना पता, मोबाइल नंबर या नाम में गड़बड़ी का सुधार भी करवाना होता है। ऐसे में सेंटरों पर अधिक भीड़ हो जाती है।

बैंक व अस्पतालों में भी सुविधा

पूरे प्रदेश में प्राइवेट सेंटर बंद कर दिए गए हैं। लोगों को असुविधा न हो इसके लिए कुछ बैंकों में भी आधार बनाने का काम किया जा रहा है। अस्पतालों में भी हम आधार कार्ड बनावा रहे हैं। दिशा-निर्देशों के आधार पर ही काम किया जा रहा है। उमेश गुप्ता, नोडल ऑफिसर, यूआईडीएआई
 

Source:Agency

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