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12वीं फेल ठग, बैंक अफसर बनकर खातों से उड़ाए डेढ़ करोड़ रुपए

By Khabarduniya :13-11-2017 08:07


भोपाल। साइबर पुलिस ने रेहटी के एक किसान से ऑन लाइन ठगी के आरोप में झारखंड से तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। बारहवी फेल ये युवक मध्यप्रदेश के विभिन्ना क्षेत्रों में खुद को बैंक अफसर बनकर मोबाइल से फोन करते थे। उनके झांसे में आकर जो क्रेडिट कार्ड,एटीएम कार्ड आदि का ओटीपी बता देता था,उसके खाते से ई-वॉलेट कंपनियों के माध्यम से अपने खातों में राशि ट्रांसफर कर लेते थे।

आरोपियों से पूछताछ में अभी तक करीब 300 लोगों से डेढ़ करोड़ रुपए तक हड़पने की बात सामने आई है। तीनों 16 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर हैं। एसपी साइबर क्राइम शैलेंद्र चौहान ने बताया कि रेहटी निवासी भागीरथ प्रसाद मालवीय ने शिकायत दर्ज कराई थी।

उसमें बताया गया था कि उनका खाता रेहटी स्थित भारतीय स्टेट बैंक में है। जिस पर किसान क्रेडिट कार्ड बना हुआ है। कार्ड बनने के बाद,उन्होंने उसका कभी भी इस्तेमाल नहीं किया है। एक दिन उनके मोबाइल पर किसी का फोन आया,उसने खुद को बैंक मैनेजर बताते हुए बैंक के खाते को आधार से लिंक कराने की जानकारी दी।

इस दौरान झांसे में लेकर उनसे बैंक खाते संबंधित गोपनीय जानकारी भी पूछ ली। कुछ देर बाद उन्हें पता चला कि बैंक खाते के क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 55 हजार रुपए निकाल लिए गए हैं। इस मामले में केस रजिस्टर्ड का मामले की जांच शुरू कर दी गई।

ई-वॉलेट के माध्यम से ऑनलाइन ट्रांसफर हुई राशि

सायबर शाखा के एसपी शैलेंद्र चौहान ने बताया कि जांच में पता चला कि ठगों ने ई-वॉलेट कंपनियों के माध्यम से मालवीय के खाते की राशि झारखंड के मधुपुर स्थित यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में ट्रांसफर की है। इसके बाद झारखंड में कियोस्क के माध्यम से नकद राशि निकाल ली गई।

विशेष टीम ने झारखंड जाकर यूनाईटेड बैंक से खाता धारकों के पते तलाश किए। इसके आधार पर ग्राम लडेवा,थाना मधेपुर,जिला देवधर निवासी सुचित दास(24),नितिश कुमार दास(23) और सुनील दास(24) को हिरासत में ले लिया। उनके पास से 28 हजार रुपए नकद,मोबाइल फोन,कई सिम कार्ड आदि बरामद किए गए।

एक दिन में 300 लोगों को कॉल,आधा दर्जन आ जाते थे झांसे में

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह सुबह से शाम तक एक दिन में 300 लोगों को फोन करते थे। इनमें से करीब आधा दर्जन लोग,उनके झांसे में आकर अपने एटीएम कार्ड,बैंक खाते आदि की गोपनीय जानकारी दे बैठते थे। वे तत्काल उनके खातों से रकम उड़ लेते थे।

अभी तक वह मप्र के करीब 300 लोगों के खातों से डेढ़ करोड़ रुपए तक ठग चुके हैं। इनमें करीब 50 लोग राजधानी और आसपास के हैं। एसपी चौहान ने बताया कि जिन लोगों के खातों में वे लोग ठगी की रकम ट्रांसफर करते थे,उसका बाकायदा कमीशन भी देना होता था।

इसके अतिरिक्त कई बार लोग खाते में पैसा आने के बाद रुपए देने से मना भी कर देते थे। आरोपी बार-बार अपना क्षेत्र भी बदलते रहते हैं। आरोपी 16 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर हैं। उनसे ठगी की अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
 

Source:Agency

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