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Date 21-11-17

जहरीला है इस शहर का पानी, पेयजल में है जानलेवा बैक्टीरिया

By Khabarduniya :08-11-2017 07:24


रायपुर। रायपुर नगर निगम के फिल्टर प्लांट से निकलने वाला पानी जहरीला है। लोगों को निगम बैक्टीरियायुक्त पानी पिला रहा है। यह चौंकाने वाली रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत होने के बाद हड़कंप मच गया है। साल 2014 में रायपुर निवासी मुकेश कुमार देवांगन ने अपनी पत्नी की पीलिया से मौत होने के बाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।

इसके बाद हाई कोर्ट ने तीन अधिवक्ताओं के कोर्ट कमिश्नरों को रायपुर और बिलासपुर में पेयजल की व्यवस्था और समस्या पर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था। इस पर मंगलवार को रिपोर्ट दी गई है।

गौरतलब है कि साल 2014 में रायपेपुर निवासी मुकेश कुमार देवांगन ने पत्नी की मृत्यु पीलिया से होने के कारण जनहित याचिका दायर की थी। इसकी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अधिवक्ता मनोज परांजपे, अधिवक्ता अमृतो दास और अधिवक्ता सौरभ डांगी की कमेटी बनाकर कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया गया था। कमेटी को रायपुर और बिलासपुर में पानी से होने वाली बीमारी और उसके कारण की रिपोर्ट देने कहा गया था।

ये जानलेवा बैक्टीरिया पेयजल में

कोर्ट में पेश कोर्ट कमिश्नरों की रिपोर्ट में बताया गया है कि पब्लिक नलों से लिए गए 4 में से 2 सैंपल में ई-कोली नामक बैक्टीरिया अनगिनत संख्या में मिले हैं। वहीं बिलासपुर में 5 में से 2 सैंपल में ई-कोली नामक बैक्टीरिया तो जानलेवा मिला है।

विशेषज्ञों के मुताबिक ई -कोली बैक्टीरिया वह जानलेवा साबित होने वाला बैक्टीरिया होता है, जो कि मल तथा सीवरेज की गंदगी, पीने के पानी के साथ मिलने के कारण पनपता है।

क्लोरीन पाई शून्य

रिपोर्ट के मुताबिक रायपुर और बिलासपुर दोनों जगह के पानी में क्लोरीन की मात्रा शून्य पाई गई, जो यह इंगित करती है कि पानी शुद्घिकरण संयंत्र में पानी का क्लोरीनेशन ठीक नहीं हो रहा है। बताया जाता है कि सभी सैंपल की जांच एनएबीएल द्वारा अनुमोदित जांच एजेंसी से करवाई गई।

रिपोर्ट के मुताबिक यहां मिलीं खामियां

मिल रहा गंदा पानी

कोर्ट कमिश्नर ने रायपुर का दौरा 24 अक्टूबर को किया और पाया कि भाटागांव में पंप के पास गंदे नाले का पानी खारुन नदी में मिलता है, जो कि शुद्घिकरण संयंत्र पर लाया जाता है। गंदा पानी मिलने से बीमारी फैलने की आशंका ज्यादा रहती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि रायपुर में ही खारुन नदी में ऐसे 17 गंदे पानी के नाले मिल रहे हैं।

सिर्फ दो केमिस्ट के भरोसे चल रही जांच

रिपोर्ट में बताया गया कि रावाभाठा स्थित शुद्घिकरण प्लांट में पानी के सैंपल की जांच के लिए सिर्फ दो केमिस्ट हैं, जो 2 सहायक केमिस्ट हैं। उनके पास कोई तकनीकी डिग्री नहीं है। प्लांट में स्टाफ शाम पांच बजे तक ही रहता है। बाद में निजी प्लेसमेंट के कर्मचारी सैंपल की जांच करते हैं । निजी प्लेसमेंट के कर्मचारियों की भी कमी है।

कई गंदी नालियां मिल रही हैं

रिपोर्ट में बताया गया कि रायपुर शहर में पीने के पानी की लाइन कई जगह गंदे पानी की नालियों से होकर जाती है, जा ेकि पानी दूषित होने का मुख्य कारण है। शहर में कई स्थानों पर सड़क के अंदर बने गंदे पानी के नालों से मुख्य पाइपलाइन जाती है। जहां पर जरा सा भी लीकेज होने से महामारी हो सकती है। आजाद चौक पुलिस थाने के सामने स्थित ऐसे एक नाले में से गुजरने वाले मुख्य पाइप लाइन की फोटो भी कोर्ट में पेश हुई है।

निगम के अधिकारी पीछे हटे, इंटकवेल निकला गड़बड़

समिति ने कोर्ट को बताया कि रायपुर नगर पालिक निगम के अधिकारियों ने चाहे गए दस्तावेज व जानकारियां समिति को उपलब्ध नहीं कराई। इंटेकवेल तथा शुद्घिकरण संयंत्र में सुरक्षा व्यवस्था की कमी पाई गई।

हम काम कर रहे हैं

जल शुद्घिकरण के लिए निगम काम कर रहा है। पहले तो फिल्टर प्लांट की कैपेसिटी बढ़ा रहे हैं। दूसरा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए जलाशय में गंदे पानी को रोकने के लिए काम चल रहा है। - रजत बंसल, कमिश्नर, नगर निगम रायपुर

Source:Agency

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